पत्नी को पति के अफेयर का पता चला, हाथ बांध नदी में फेंका उसे!

wife throw husband in river after caught his affair news from chinaचीन की एक महिला ने अपने पति के हाथ बांधे और उसे नदी में फेंक दिया। पता है उसने ऐसा क्यों किया? क्योंकि उसे पता चल गया था कि उसका पति उसके साथ चीटिंग कर रहा है।पहले पिंजरे में भी बंद कियाटाइम्स नाओ के मुताबिक, घटना Maoming सिटी की है। शुक्रवार की बात है। यहां तक कि जब इस शख्स की पत्नी को उसके अफेयर के बारे में पता चला तो पहले तो उसने अपने पति को पिंजरे में कैद किया। ऐसा बताया जा रहा है कि चीन के सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है।दोनों को पकड़ लिया थादरअसल, इस वीडियो में एक शख्स आधा निर्वस्त्र दिख रहा है। पत्नी ने अपने पति को किसी दूसरी महिला के साथ ही पकड़ लिया था। पत्नी के साथ कुछ और लोग भी थे। जिन्होंने उसके पति के हाथ बांधे और उसे पिंजरे में डाला। ये पिंजरा बांस का था।इसके बाद उसे नदी में फेंक दियाइसके बाद वो शख्स को पिंजरे समेत नदी में फेंक आए। हालांकि शख्स को बाकी लोगों ने पिंजरे से बाहर निकाल दिया। फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है। जांच जारी है।Representative Image Source: Bccl

November 26, 2020 06:33 UTC


President Ram Nath Kovind leads the nation in reading the Preamble to the Constitution of India

26 नवंबर को संविधान दिवस के मौके पर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश की संविधान के प्रस्‍तावना को पढ़कर सुनाया। केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में 19 नवंबर को गजट नोटिफिकेशन द्वारा 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया था।केवाडिया, एएनआइ। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार (26 नवंबर) को संविधान दिवस के मौके पर भारतीय संविधान की प्रस्‍तावना का पढ़ा। बता दें कि देश आज संविधान दिवस मना रहा है। इसकी शुरुआत वर्ष 2015 में की गई थी। भारत का संविधान 26 नवंबर 1949 को पारित किया गया था। इसके बाद 26 जनवरी 1950 से यह देभभर में लागू हुआ। संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष थे।26 नवंबर को भारत के संविधान के निर्माताओं के प्रयासों को स्वीकार करने के लिए संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 में 19 नवंबर को गजट नोटिफिकेशन द्वारा 26 नवंबर को 'संविधान दिवस' के रूप में घोषित किया था। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा वर्ष 1979 में एक प्रस्ताव के बाद से इस दिन को 'राष्ट्रीय कानून दिवस' (National Law Day) के रूप में मनाया जाता है।इस मौके पर लोकसभा स्‍पीकर ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने देशवासियों को बधाई दी। भारतीय इतिहास के इस अहम मौके पर ओम बिरला ने कहा कि संविधान में जिन मूल्‍यों का जिक्र किया गया है वह लोगों के लिए प्रेरणादायी है। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा, ' 71वें संविधान दिवस पर भारत के उन महान मनीषियों को नमन जिन्होंने देश को संविधान के रूप में अतुल्य मार्गदर्शक प्रदान किया। संविधान में प्रदत्त मूल्य हमें देश की उन्नति व देशवासियों के कल्याण के लिए सतत प्रयत्नशील बने रहने की प्रेरणा देते हैं।'भारतीय संविधान के प्रस्तावना का विचार अमेरिका के संविधान से लिया गया और इसकी भाषा ऑस्ट्रेलिया की संविधान का है। इसकी शुरुआत 'हम भारत के लोग' से की गई है और अंत '26 नवंबर 1949 अंगीकृत' के साथ की गई है। उल्‍लेखनीय है कि प्रस्तावना के तीन शब्द सम्पूर्ण प्रभुत्व संपन्न (Sovreign), लोकतांत्रिक (Democratic) गणराज्य (Republic) महत्‍वपूर्ण थे जिसमें 42वें संशोधन के तहत बदला गया और समाजवाद (Socialist) व धर्मनिरपेक्ष (Secular) शब्‍दों को जोड़ा गया।डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस

November 26, 2020 06:08 UTC


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