West Asia Conflict: होर्मुज से सीना तानकर गुजरते भारत के इस टैंकर को दुनिया ने देखा, लेकर आया है 46000 टन एलपीजी

इन टैंकरों का आगमन ऐसे समय में हुआ है, जब होर्मुज स्‍ट्रेट से समुद्री यातायात में आई रुकावटों के बाद भी भारत फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही पर लगातार नजर रखे हुए है। भारत अपनी लगभग 88 फीसद क्रूड, 50 फीसदी नैचुरल गैस और 60 फीसदी एलपीजी जरूरतें आयात से पूरी करता है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमले और जवाबी ईरानी कार्रवाई से पहले भारत का आधे से ज्यादा कच्चा तेल आयात, लगभग 30 फीसदी गैस और 85 से 90 फीसदी एलपीजी आयात सऊदी अरब और यूएई जैसे पश्चिम एशियाई देशों से आता था।अधिकारी ने यह भी बताया कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा, 'पिछले 24 घंटों में किसी भी घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। हम स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं। हम हर जहाज और उसके चालक दल के संपर्क में हैं। भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज होर्मुज स्‍ट्रेट के पश्चिम में फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। इन पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं।'इससे पहले दिन में शिपिंग मंत्रालय के राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि कच्चे तेल से लदा एक और भारतीय जहाज भी भारत की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, 'भारतीय ध्वज वाला जहाज 'जग लाडकी' लगभग 81,000 टन 'मुरबान' कच्चा तेल लेकर सुरक्षित रूप से भारत की ओर बढ़ रहा है। 14 मार्च को संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) से यह रवाना हुआ था। जहाज और उस पर सवार सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। वे कल मुंद्रा बंदरगाह पहुंच जाएंगे।

March 16, 2026 16:56 UTC


Bihar Youth Body Found Kareh River

मृतक टिंकू कुमार। (फाइल फोटो)लेरझा घाट थाना क्षेत्र की करेह नदी से एक शव बरामद किया गया है। शव की पहचान कौरही निवासी उमेश साहनी के पुत्र टिंकू कुमार के रूप में हुई है। पिता उमेश साहनी ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की।. पुलिस को सोमवार को एक ग्रामीण द्वारा करेह नदी में शव दिखने की सूचना मिली थी। इसके बाद लेरझा घाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकाला।मृतक के पिता उमेश साहनी ने बताया कि टिंकू शुक्रवार को अपने एक रिश्तेदार को ट्रेन पकड़वाने हसनपुर जंक्शन गया था। रात में वह अपने भाई के ससुराल मालसर में रुका था।शनिवार सुबह लगभग 8 बजे टिंकू की अपने पिता से आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल बंद आने लगा। शनिवार और रविवार को परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। सोमवार को लेरझा घाट थाने में गुमशुदगी की सूचना दी गई थी।थाना प्रभारी राजकिशोर पंडित ने बताया, शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पिता उमेश साहनी ने पुलिस को बताया है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

March 16, 2026 16:27 UTC


दिल्ली में 3 दिन होगी बारिश, चलेंगी तेज हवाएं; 5 माह बाद हटीं गैप-1 की पाबंदियां

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )संक्षिप्त विवरणकृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।विस्तृत बायोपरिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।और पढ़ें

Source:NDTV

March 16, 2026 16:26 UTC


US Supreme Court Overturns Trump Tariffs

Hindi NewsBusinessUS Supreme Court Overturns Trump Tariffs | India US Trade Deal Delayedमार्च में साइन होने वाली भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड डील टली: अब नया टैरिफ स्ट्रक्चर तैयार होने के बाद होगी; अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प टैरिफ रद्द किएनई दिल्ली 8 घंटे पहलेकॉपी लिंकभारत और अमेरिका के बीच होने वाली अंतरिम ट्रेड डील अब कुछ समय के लिए टल गई है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह डील अब तभी साइन होगी, जब अमेरिका अपना नया ग्लोबल टैरिफ स्ट्रक्चर तैयार कर लेगा।दरअसल, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने हालिया फैसले में डोनाल्ड ट्रम्प की उन शक्तियों को खत्म कर दिया है। जिसके तहत वे इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल कर भारी टैरिफ लगा देते थे।मार्च में साइन होनी थी डील, कोर्ट के फैसले से टलीभारत और अमेरिका के बीच यह ट्रेड डील पहले इसी महीने यानी मार्च में साइन होने वाली थी। हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने पुराने रेसिप्रोकल टैरिफ को अमान्य कर दिया है। इस वजह से ट्रम्प प्रशासन को अब ग्लोबल ट्रेड के लिए एक नया फ्रेमवर्क तैयार करना पड़ रहा है।जब तक नया स्ट्रक्चर नहीं आता, तब तक अमेरिका ने ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत सभी देशों पर अस्थायी रूप से 10% टैरिफ लगा दिया है। यह व्यवस्था अगले 5 महीनों तक लागू रह सकती है।तुलनात्मक फायदे देखकर ही डील साइन करेंगेएक सीनियर सरकारी अधिकारी ने बताया, ‘हम डील की बारीकियों पर काम कर रहे हैं, लेकिन साइन तभी होगा जब उनका नया टैरिफ आर्किटेक्चर तैयार हो जाएगा। कोई भी देश समझौता तभी करता है जब उसे दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले मार्केट में कोई एडवांटेज मिले।’भारत ने पहले कुछ खास प्रोडक्ट्स के लिए 18% की रेसिप्रोकल टैरिफ दर तय की थी। अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका का नया स्ट्रक्चर पुराने जैसा ही रहता है, तो दरें वही रहेंगी, वरना इनमें बदलाव संभव है।अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प।मलेशिया जैसा हाल नहीं होगा, भारत की स्थिति अलगहाल ही में मलेशिया ने अमेरिका के साथ अपने व्यापार समझौते से हाथ पीछे खींच लिए हैं। इस पर सफाई देते हुए अधिकारी ने कहा कि भारत की स्थिति मलेशिया से अलग है। मलेशिया ने एक कानूनी समझौते पर साइन कर दिए थे, जो अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद बेकार हो गया।वहीं भारत ने अभी तक केवल एक 'फ्रेमवर्क डील' पर बात की है, किसी कानूनी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसलिए भारत के पास परिस्थितियों के हिसाब से बदलाव करने की गुंजाइश है।नॉन-टैरिफ बाधाओं पर भी चल रही है चर्चाटैरिफ के अलावा दोनों देश नॉन-टैरिफ बैरियर्स और सेक्शन 232 के तहत लगाए गए सेक्टोरल टैरिफ को सुलझाने के लिए भी लगातार बातचीत कर रहे हैं।अधिकारी ने बताया, ‘हम इस समय का रचनात्मक उपयोग कर रहे हैं ताकि जब साइन करने का सही समय आए, तो तकनीकी मुद्दों की वजह से देरी न हो।अमेरिका द्वारा की जा रही 'सेक्शन 301' जांच पर भी सरकार कानूनी पहलुओं पर गौर कर रही है।'कॉमर्स सेक्रेटरी बोले- एक्सपोर्ट का लक्ष्य 860 बिलियन डॉलरकॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पुराने टैरिफ प्रभावी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका एक-दूसरे के फायदे वाली डील के लिए बातचीत में जुटे हैं। वहीं पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव पर उन्होंने कहा कि इससे लॉजिस्टिक्स और शिपिंग में कुछ चुनौतियां आई हैं।इससे भारत के एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट पर थोड़ा असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष में भारत का कुल गुड्स और सर्विसेज एक्सपोर्ट 860 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा।क्या है सेक्शन 122 और सेक्शन 301? सेक्शन 122: इसके तहत अमेरिकी राष्ट्रपति भुगतान संतुलन (बैलेंस ऑफ पेमेंट्स) में बड़ी कमी आने पर 150 दिनों के लिए अस्थायी टैरिफ लगा सकते हैं।सेक्शन 301: यह अमेरिका को उन देशों के खिलाफ कार्रवाई करने की शक्ति देता है, जिनकी व्यापार नीतियां अमेरिकी हितों के खिलाफ या अनुचित होती हैं।ट्रम्प ने 49 साल पुराने कानून का इस्तेमाल कर टैरिफ लगाया था.

March 16, 2026 16:25 UTC


Panna News: गायत्री परिवार की समवन्यक समिति की बैठक सम्पन्न

Panna News: संगठन को अधिक सशक्त बनाने मिशन की गतिविधियो को जन-जन पहुंचाने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। सभी उपस्थित सदस्यों ने संगठन के विस्तार और विभिन्न अभियानों को प्रभावी रूप से संचालित करने पर अपने विचार व्यक्त किए। बैठक में सर्वसम्मति से लक्ष्मण देव सिंह को जिला समन्वयक नियुक्त किया गया। वहीं नीलम सिंह और सत्यम सोनी को सह समन्वयक का दायित्व सौंपा गया। इसके साथ ही विभिन्न रचनात्मक अभियानों के संचालन के लिए अलग-अलग कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी गईं।राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी को नारी जागरण अभियान, माधुरी अग्रवाल को संस्कारवान पीढ़ी अभियान, संगीता अग्रवाल को आओगढ़े संस्कारवान पीढ़ी और युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष सत्यम पाण्डेय को भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा, राजकुमार मिश्रा को साधना एवं स्वाध्याय अभियान, फूल सिंह ठाकुर को पर्यावरण एवं जल संरक्षण अभियान की जिम्मेदारी वहीं ठाकुर प्रसाद वागरी को शिक्षा एवं बाल संस्कार अभियान का दायित्व बाला प्रसाद चौरसिया को स्वावलंबन एवं प्रशिक्षण, वृंदावन चौरसिया को नशा.कुरीति उन्मूलन एवं आदर्श ग्राम अभियान, ध्रुव लोधी को स्वास्थ्य अभियान, नीरज तिवारी को भी संगठन में नवीन दायित्व प्रदान किया गया।

March 16, 2026 16:00 UTC


LPG to PNG Shift: एलपीजी सिलेंडर छोड़ ले लें पाइप वाली गैस, सरकार की अपील पर 31 मार्च तक किया शिफ्ट तो ये फायदे

लेखक के बारे में अमित शुक्‍ला अमित शुक्‍ला, नवभारत टाइम्स डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं। वह 18 साल से भी ज्‍यादा समय से पत्रकारिता से जुड़े हैं। इस दौरान उन्‍होंने बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यापार, शेयर मार्केट, राजनीति, देश-विदेश, प्रॉपर्टी, करियर जैसे तमाम विषयों को कवर किया है। पत्रकारिता और जनसंचार में PhD करने वाले अमित शुक्ला 7 साल से भी ज्‍यादा समय से टाइम्‍स इंटरनेट लिमिटेड के साथ जुड़े हैं। टाइम्‍स इंटरनेट में रहते हुए नवभारतटाइम्‍स डॉट कॉम से पहले इकनॉमिकटाइम्‍स डॉट कॉम में सेवाएं दीं। उन्‍होंने टीवी टुडे नेटवर्क, दैनिक जागरण, डीएलए जैसे मीडिया संस्‍थानों के अलावा शैक्षणिक संस्थानों के साथ भी काम किया है। इनमें शिमला यूनिवर्सिटी- एजीयू, टेक वन स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (नोएडा) शामिल हैं। लिंग्विस्‍ट के तौर पर भी पहचान बनाई है। मार्वल कॉमिक्स ग्रुप, सौम्या ट्रांसलेटर्स, ब्रह्मम नेट सॉल्यूशन, सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी और लिंगुअल कंसल्टेंसी सर्विसेज समेत कई अन्य भाषा समाधान प्रदान करने वाले संगठनों के साथ फ्रीलांस काम किया।... और पढ़ें

March 16, 2026 15:52 UTC


संसद से निलंबित सांसदों की बहाली कल, 12 बजे हटेगा सस्पेंशन, सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति

लेखक के बारे में अशोक उपाध्याय अशोक उपाध्याय, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर ड‍िज‍िटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। पत्रकारिता में 10 साल का अनुभव। साल 2014 में नवभारत टाइम्स हिंदी अखबार से पत्रकारिता के सफर की शुरुआत की थी। पॉलिटिक्स, खेल, क्राइम बीट पर रिपोर्टिंग में महारत। अमर उजाला देहरादून में भी सेंट्रल डेस्क पर काम किया है। साथ ही कई चुनावों में ग्राउंड रिपोर्टिंग की है। पिछले पांच साल से NBT डिजिटल में न्यूज डेस्क पर काम कर रहे हैं। गूगल ट्रेंड्स को पकड़ने और एआई टूल्स के इस्तेमाल की अच्छी समझ है। JIMMC नोएडा से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।... और पढ़ें

March 16, 2026 15:48 UTC


अमेरिका में टीचिंग जॉब ढूंढ रहे भारतीयों के लिए गुड न्यूज, H1B की नई फीस के खिलाफ बिल पेश, जानें क्या होगा लाभ

लेखक के बारे में अनवर अंसारी अनवर अंसारी, नवभारत टाइम्स डिजिटल में बतौर कंसल्टेंट काम कर रहे हैं। वह पिछले एक साल से विदेश में पढ़ाई, नौकरी, फॉरेन यूनिवर्सिटीज में एडमिशन और वीजा संबंधी खबरें कवर कर रहे हैं। इससे पहले अनवर ने अमर उजाला, टीवी9 भारतवर्ष और एबीपी न्यूज जैसे संस्थानों में काम किया है। वे नेशनल और इंटरनेशनल न्यूज पर काम कर चुके हैं। देश-विदेश से जुड़ी घटनाओं पर लिखने के अलावा उन्हें डिफेंस और नॉलेज स्टोरीज लिखने का भी अनुभव है। अनवर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है।... और पढ़ें

March 16, 2026 15:47 UTC


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