एशिया कप 2021: टाइट शेड्यूल की वजह से टूर्नामेंट में दूसरे दर्जे की टीम भेज सकता है भारत; राहुल को सौंपी जा सकती है कप्तानी

Hindi NewsSportsCricketTeam India To Send B Level Team For Asia Cup 2021 Amid Tight Schedule; KL Rahul To Be CaptainAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपएशिया कप 2021: टाइट शेड्यूल की वजह से टूर्नामेंट में दूसरे दर्जे की टीम भेज सकता है भारत; राहुल को सौंपी जा सकती है कप्तानीमुंबई 5 घंटे पहलेकॉपी लिंकभारत एशिया कप टूर्नामेंट को 50 ओवर और 20 ओवर फॉर्मेट में जीतने वाली इकलौती टीम है। (फाइल फोटो)इस साल जून में होने वाले एशिया कप को श्रीलंका में कराने को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पिछले साल कोरोना की वजह से इस टूर्नामेंट को स्थगित कर दिया गया था। हालांकि, जून में भारत को ICC वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल भी खेलना है।ऐसे में भारत की B-लेवल टीम को टूर्नामेंट में भेजा जा सकता है। इस टीम की कमान लोकेश राहुल को सौंपी जा सकती है। टी-20 वर्ल्ड कप के कारण एशिया कप टूर्नामेंट भी टी-20 फॉर्मेट पर होगा।18 से 22 जून तक होना है वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनलभारत को जून में न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 से 22 जून तक WTC फाइनल खेलना है। इसके बाद टीम इंडिया अगस्त में इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेलेगी। वहीं, यह सीरीज खत्म होते ही टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत हो जाएगी, जो कि भारत में ही होना है। ऐसे में एशिया कप को जून के अलावा और आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। साथ ही BCCI के पास सेकंड स्ट्रीम भेजने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं है।2016 की तरह एक बार फिर टी-20 फॉर्मेट में टूर्नामेंटमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) अब इस टूर्नामेंट को श्रीलंका में कराने का सोच रही है। 2020 में यह टूर्नामेंट पाकिस्तान में होना था। इसके लिए BCCI के कई सीनियर अधिकारी ACC के साथ विंडो और टूर्नामेंट शेड्यूल के लिए मीटिंग भी कर रहे हैं। 2016 की तरह एकबार फिर यह टी-20 फॉर्मेट में हो सकता है। भारत एशिया कप टूर्नामेंट को 50 ओवर और 20 ओवर फॉर्मेट में जीतने वाली इकलौती टीम है।इंग्लैंड के खिलाफ तैयारियों को लेकर रिस्क नहीं ले सकतेमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जून में विराट कोहली, रोहित शर्मा, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या जैसे खिलाड़ी WTC फाइनल और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज की तैयारी कर रहे होंगे। BCCI के एक सूत्र ने कहा कि हम इंग्लैंड के खिलाफ तैयारियों को लेकर रिस्क नहीं ले सकते। इसलिए सेकंड स्ट्रिंग स्क्वॉड भेजने की सोच रहे।भारतीय टीम में सूर्यकुमार, किशन जैसे खिलाड़ी हो सकते हैंहालांकि, भारत की यह टीम भी बेहद मजबूत होगी। इस टीम में राहुल, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, इशान किशन, नटराजन जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी रह सकती है। यह सभी खिलाड़ियों को टी-20 फॉर्मेट का एक्सपर्ट माना जाता है।

March 08, 2021 06:00 UTC


Eating habits: खाने को स्‍पीड में नहीं बल्‍कि चबा-चबाकर खाने से घटता है वजन, होते हैं ये भी फायदे

धीमी गति से खाना और वजन कम करना हर व्यक्ति के खाने की स्पीड अलग-अलग होती है। कुछ लोग मानते हैं कि धीरे-धीरे खाना खाने की आदत से लोग आलसी और बीमार होते हैं। हालांकि, धीमी गति से भोजन करने से वजन घटाने में काफी मदद मिलती है। वजन घटाने के लिए वर्कआउट करने वाले लोग पूरे दिन कैलोरी लेने की मात्रा पर भी ध्यान देते हैं। धीरे-धीरे खाना खाने की आदत से पेट पूरी तरह भर जाता है और जल्दी भूख नहीं लगती है। इससे व्यक्ति अधिक कैलोरी लेने से बच जाता है, जिससे वजन घटाने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलता है। (फोटो साभार: istock by getty images) Weight loss कर रहे हैं तो इन फलों से बना लें दूरी, वरना नहीं मिलेगा रिजल्‍ट धीरे-धीरे खाने के फायदेपोषक तत्व का बेहतर अवशोषण कई लोग खाने को स्‍पीड के साथ खाते हैं और बाद में पेट दर्द और अपच से जूझते हैं। धीरे-धीरे खाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और भोजन आसानी से पच जाता है। इसके साथ ही शरीर द्वारा पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर तरीके से होता है।तनाव कम करे भोजन को धीरे-धीरे चबाकर खाने से मस्तिष्क स्वस्थ और शांत रहता है। इससे तनाव का स्तर कम होता है और मन शांत रहता है।संतुष्टि प्रदान करे धीमी गति से खाना खाने से आप भोजन के स्वाद का बेहतर आनंद ले सकते हैं। इसके अलावा भोजन का फ्लेवर, सुगंध और टेक्चर आपको संतुष्टि प्रदान कर सकता है।

March 08, 2021 05:48 UTC


टाटा ग्रुप या स्पाइसजेट की होगी एअर इंडिया: सरकारी एयरलाइंस को खरीदने के लिए केवल दो कंपनियां कतार में, अन्य के आवेदन खारिज

Hindi NewsBusinessOnly Tata, Spicejet Now In The Fray For Air IndiaAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपटाटा ग्रुप या स्पाइसजेट की होगी एअर इंडिया: सरकारी एयरलाइंस को खरीदने के लिए केवल दो कंपनियां कतार में, अन्य के आवेदन खारिजनई दिल्ली 5 घंटे पहलेकॉपी लिंकएअर इंडिया पर 38,366 करोड़ रुपए का कर्ज है। जबकि सरकारी विभागों पर एअर इंडिया का 500 करोड़ रुपए का बकाया है।सरकार के संतुष्ट होने के बाद योग्य खरीदार दूसरे चरण में शामिल होंगेएअर इंडिया को बेचने के लिए 20 साल से कोशिश हो रही हैसरकारी विमानन कंपनी एअर इंडिया को खरीदने के लिए अब केवल टाटा ग्रुप और प्राइवेट एअरलाइन स्पाइसजेट ही कतार में बचे हैं। अन्य कंपनियों के आवेदन खारिज हो चुके हैं। इस मामले से वाकिफ सूत्रों ने यह जानकारी दी है। सूत्रों के मुताबिक, अन्य कंपनियों के एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) मूल्यांकन के स्तर पर खारिज हो चुके हैं। एअर इंडिया को खरीदने के लिए कई कंपनी ने EoI दाखिल की थी।इच्छुक खरीदारों के संपर्क में ट्रांजेक्शन एडवाइजरसूत्रों के मुताबिक, एअर इंडिया के ट्रांजेक्शन एडवाइजर इच्छुक खरीदारों के संपर्क में हैं। ट्रांजेक्शन एडवाइजर इच्छुक खरीदारों के प्रश्नों का जवाब दे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि सरकार के संतुष्ट होने के बाद ही योग्य खरीदारों को सूचना दी जाएगी। टाटा संस और स्पाइसजेट के अलावा टाटा संस और न्यूयॉर्क के इंटरप्स इंक का जॉइंट वेंचर भी एअर इंडिया को खरीदने का इच्छुक हैं। इटरप्स इंक अमेरिका और यूरोप के नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) निवेशकों का ग्रुप है।कई कंपनियों ने किया था आवेदनएअर इंडिया को खरीदने के लिए कई कंपनियों ने EoI जमा की थी। डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव तुहिन कांत पांडेय ने यह जानकारी दी थी। एअर इंडिया की बिक्री की प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में इच्छुक कंपनियों की ओर से EoI मांगे गए हैं। योग्यता के आधार पर इनमें से सफल EoI का चयन किया जाएगा। दूसरे चरण में सफल खरीदारों को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) दिया जाएगा। एअर इंडिया की बिक्री की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी।एअर इंडिया के कर्मचारियों ने भी किया था आवेदनसरकारी विमानन कंपनी एअर इंडिया को खरीदने के लिए इसके 209 पूर्व कर्मचारियों के ग्रुप ने भी आवेदन किया था। इसके अलावा एस्सार ग्रुप, पवन रुइया की कंपनी डनलप और फाल्कन टायर्स ने भी एअर इंडिया को खरीदने के लिए EoI जमा की थी। वित्त वर्ष 2020-21 में इसका घाटा 10 हजार करोड़ रुपए होने की आशंका है। जिससे कंपनी का वैल्यूएशन घट सकता है। इससे एअर इंडिया को बेचने में सरकार को और दिक्कत हो सकती है।एअर इंडिया को 20 साल से बेचने की कोशिशएअर इंडिया को बेचने की कोशिश काफी लंबे समय से हो रही है। 20 साल पहले से इसे बेचा जा रहा है। उस समय 20% हिस्सेदारी बेचने की बात हो रही थी। हालांकि, इस समय इसकी पूरी हिस्सेदारी बेचने की योजना है। अब तक ढेर सारी कंपनियों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है। पर सरकार की शर्तों और इसके भारी-भरकम कर्ज के कारण कोई खरीदार नहीं आ पा रहा है। टाटा ग्रुप अभी भी इसको खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहा है। क्योंकि टाटा ग्रुप ने ही इसकी शुरुआत की थी। टाटा ग्रुप के सामने यह दिक्कत है कि वह एअर एशिया और विस्तारा में पहले से ही भागीदार है।2017 में 74 पर्सेंट हिस्सा बेचने की योजना थीसरकार 2017 में एअर इंडिया में 74% हिस्सेदारी बेच रही थी। पर बाद में इसे बढ़ाकर 100% कर दिया गया था। इसके साथ ही एअर इंडिया एक्सप्रेस में भी सरकार पूरी हिस्सेदारी बेच रही है। एअर इंडिया पर 38,366 करोड़ रुपए का कर्ज है। जबकि सरकारी विभागों पर एअर इंडिया का 500 करोड़ रुपए का बकाया है। एअर इंडिया के पास कुल 46 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति है। इसमें जमीन, बिल्डिंग, फ्लीट और अन्य संपत्तियां हैं।

March 08, 2021 05:15 UTC


कॉम्पिटिशन हमें सीमित करता है लेक‍िन कॉन्ट्रिब्यूशन स‍िखाता है यह खास बात

भूपेंदर यादवहम सभी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं और इसके लिए हर क्षेत्र में एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में लगे हैं। देखने में तो यह एक बड़ी सकारात्मक बात लगती है क्योंकि इससे एक भ्रम पैदा होता है कि इसमें हर खिलाड़ी जो कुछ करता है वह और भी अच्छा करने की कोशिश में जुट जाता है। लेकिन इसकी तह में जाएं, तो आप पाएंगे कि प्रत्येक व्यक्ति केवल दूसरे के संबंध सुधारने की महज कोशिश ही कर रहा है, और इस तरह से वह अपनी क्षमता को सीमित कर रहा है।जब भी कक्षा में हमारे कम नंबर आते हैं, हममें से कई लोग अपने माता-पिता के सामने अपने कम नंबरों को यह कहकर छुपाते हैं कि कक्षा में तो सभी के ही कम नंबर आए। हम स्कूल में मिले नंबरों को अनुचित महत्व देते हैं, और अक्सर दूसरों के साथ इसकी तुलना भी करते हैं। इस प्रक्रिया में जैसे ही हम अपनी क्षमता को दूसरों से तौलते हैं, कहीं न कहीं हम खुद को सीमित करने लगते हैं और अपनी सारी ऊर्जा को प्रतियोगिता से बस जरा सा बेहतर करने में लगा देते हैं। जबकि हम इस ‘जरा सा’ से कहीं ज्यादा हो सकते हैं। ऐसे ही हम अक्सर अपने दान को योगदान समझने का भ्रम पाल लेते हैं। महत्व की बात यह है कि हम जो योगदान देते हैं, वह एक बड़ी चीज का पूरा हिस्सा बन जाता है। हमारा योगदान हमारे अस्तित्व से तो जुड़ता ही है, उसके अस्तित्व से भी जुड़ता है, जिसका कि हम सभी एक हिस्सा हैं। हर इंसान की प्रतिभाएं, रुचियां, नजरिया और विवेक अलग-अलग हैं, इसलिए वे एक जैसे नहीं है। लेकिन सबमें केवल एक चीज कॉमन है, वह है उनकी असीम क्षमता। अगर हम सिर्फ अपने योगदान के बारे में सोचते हैं और अपनी प्रतिस्पर्धा से आगे नहीं बढ़ पाते हैं, तो रिजल्ट से हम खुद को चौंका सकते हैं।हम सांस्कृतिक प्रतियोगिता के समय में जी रहे हैं। इसमें अपने आपको ऊंचा उठाने के बजाय दूसरों की नकल करने लगते हैं। और इस दौड़ में संस्कृतियां तेजी से एक जैसा ही रूप धरती चली जा रही हैं। यह कॉम्पिटिशन भी किसी खेल की तरह ही है क्योंकि इसमें भी हमेशा जीत और हार शामिल होती है। लेकिन यह खेल अपने खिलाड़ियों को बुरी तरह थका देता है। अगर कोई यह कहे कि वह खुद से ही कॉम्पिटिशन कर रहा है तो वह भी खुद को थका देने का एक तरीका ही है।सुर हों या साज, वे हमेशा हमें भाते हैं, फिर चाहे उन्हें हम अकेले में ही क्यों न सुनें। कई सारे सुरों को मिलाकर एक राग बनता है। इस राग में हर एक साज गाने वाले की, या यूं कहें कि पूरे ग्रुप की जरूरत के मुताबिक बजता है। लक्ष्य तो यह होना चाहिए कि उस राग से आत्मा खिल उठे, न कि गायक तेज गाने लगे या सितार का सुर ऊंचा कर दे। ऐसे ही अगर हम जहां भी काम कर रहे हैं, जब उसमें पूरा ध्यान लगाएंगे तो वहां भी बेहतर रिजल्ट्स सामने आएंगे। इस तरह हमारा गोल बड़ा और कहीं अधिक समतावादी हो जाता है।ऐसे में फिर कॉम्पिटिशन हमारे लिए फायदेमंद कैसे है? कॉम्पिटिशन हमें सीमित करता है, मगर कॉन्ट्रिब्यूशन यानी हमारा योगदान हमें यह महसूस कराते हुए आजाद करता है कि असल में हम बहुत कुछ कर सकते हैं। यही वक्त है, हम खुद को आजाद करें।(लेखक बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सदस्य हैं)

March 08, 2021 05:15 UTC


ममता सरकार को एक और झटका: चार बार से TMC विधायक सोनाली गुहा भाजपा में शामिल होंगी, चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज थीं

Hindi NewsNationalMamata Banerjee | TMC Party MLA Sonali Guha BJP Joining Update; West Bengal Election Latest NewsAds से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐपममता सरकार को एक और झटका: चार बार से TMC विधायक सोनाली गुहा भाजपा में शामिल होंगी, चुनाव के लिए टिकट नहीं मिलने से नाराज थींकोलकाता 4 घंटे पहलेकॉपी लिंकपश्चिम बंगाल में साउथ 24 परगना से चार बार विधायक रही तृणमूल कांग्रेस की सोनाली गुहा ने कहा कि जब ममता दीदी मुझे छोड़ सकती हैं तो मैं उन्हें क्यों नहीं छोड़ सकती? पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की दलबदल तेज होती जा रही है। इसी क्रम में एक नाम जुड़ने जा रहा है- साउथ 24 परगना से चार बार विधायक रही तृणमूल कांग्रेस की सोनाली गुहा का। सोनाली आज दोपहर एक बजे भाजपा ज्वाइन कर सकतीं हैं। विधानसभा चुनाव के लिए जारी TMC की लिस्ट में नाम न आने पर सोनाली ने भाजपा में जाने का फैसाल किया है।उन्होंने कहा कि वो भाजपा ज्वाइन करने जा रही हैं। जब ममता दीदी मुझे छोड़ सकती हैं तो मैं उन्हें क्यों नहीं छोड़ सकती? मैंने मुकुल रॉय को फोन किया और उनसे कहा कि मुझे चुनाव नहीं लड़ना है, लेकिन मुझे एक सम्मानित पद चाहिए। वे राजी हो गए और मैं अब निश्चित तौर पर भाजपा ज्वाइन करूंगी।TMC ने हबीबपुर से अपना प्रत्याशी बदलाTMC ने मालदा जिले के हबीबपुर से पार्टी प्रत्याशी सरला मुर्मु को बदल दिया है। मुर्मु की जगह पार्टी ने प्रदीप भास्कर को अपना उम्मीदवार बनाया है। मुर्म को लेकर ये अंदेशा जताया जा रहा है कि वे भाजपा में शामिल हो सकती हैं। हालांकि, पार्टी ने प्रत्याशी बदलने के पीछे मुर्म की अस्वस्थता को कारण बताया है।रविवार को मिथुन चक्रवर्ती ने भाजपा का दामन थामाइससे पहले कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेगा रैली से करीब एक घंटे पहले रविवार को एक्टर मिथुन चक्रवर्ती ने भाजपा का दामन थाम लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बंगाल का हक छीना जा रहा है। इसके लिए मैं आज भाजपा में आया हूं।उन्होंने फिल्मी अंदाज में कहा-​​​ मैं​​​​ जोलधरा या बेलेबोरा सांप नहीं हूं, मैं कोबरा हूं। एक दंश में ही काम तमाम कर दूंगा। मंच से मिथुन ने अपनी फिल्‍मों के कई प्रसिद्ध डायलॉग्‍स भी सुनाए। उन्‍होंने अपना मशहूर डायलॉग 'मारूंगा यहां लाश गिरेगी श्‍मशान में' भी सुनाया। उन्‍होंने कहा कि यह डायलॉग अब पुराना हो गया है।TMC छोड़कर भाजपा में शामिल होने का सिलसिला जारीपिछले कई महीनों से TMC नेताओं का भाजपा में शामिल होने का सिलसिला जारी है। इसकी शुरुआत पिछले साल 19 दिसंबर को ममता सरकार में मंत्री रहे शुभेंदु अधिकारी से हुई थी। तब शुभेंदु के साथ सांसद सुनील मंडल, पूर्व सांसद दशरथ तिर्की और 10 विधायकों ने भाजपा ज्वॉइन की थी। इनमें 5 विधायक तृणमूल के ही थे।इसके बाद 21 जनवरी को शांतिपुर से विधायक अरिंदम भट्‌टाचार्य और 30 जनवरी को पूर्व मंत्री राजीब बनर्जी, विधायक बैशाली डालमिया और प्रबीर घोषाल भाजपा में शामिल हो गए थे। वहीं, डायमंड हार्बर से विधायक दीपक हल्दर ने 2 फरवरी और पांडेश्वर से विधायक जितेंद्र तिवारी ने 2 मार्च को भाजपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद 6 मार्च को TMC के पूर्व राज्यसभा सांसद दिनेश त्रिवेदी ने भी भाजपा ज्वाइन कर ली थी।बंगाल में 8 फेज में चुनावपश्चिम बंगाल में इस बार 8 फेज में वोटिंग होगी। 294 सीटों वाली विधानसभा के लिए वोटिंग 27 मार्च (30 सीट), 1 अप्रैल (30 सीट), 6 अप्रैल (31 सीट), 10 अप्रैल (44 सीट), 17 अप्रैल (45 सीट), 22 अप्रैल (43 सीट), 26 अप्रैल (36 सीट), 29 अप्रैल (35 सीट) को होनी है। काउंटिंग 2 मई को की जाएगी।

March 08, 2021 05:12 UTC


Ayodhya Sriram University: अयोध्या में बनेगा अंतरराष्ट्रीय श्रीराम विश्वविद्यालय, डेप्युटी सीएम दिनेश शर्मा का ऐलान

प्रदेश की योगी सरकार रामनगरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दिलाने के लिए प्रयासरत है। ऐसे में अब अयोध्या को एक और सौगात मिलने की उम्मीद जग गई है। अयोध्या पहुंचे उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि प्रदेश का शिक्षा मंत्री होने के नाते मैंने ईश्वर से प्रार्थना की है कि अयोध्या श्रीराम विश्वविद्यालय की स्थापना हो। इसके लिए कई निजी क्षेत्र के लोगों को आमंत्रित किया गया है। जहां श्रीराम साहित्य, रामचरितमानस व रामायण पर कितनी शब्दों में, कितनी भाषाओं में रामायण लिखी गई है, उस पर शोध केंद्र बन जाए। इससे पहले उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि परिसर में विराजमान रामलला के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी पहुंचे और बजरंगबली का आशीर्वाद लिया और संतों से मुलाकात की। उत्तर प्रदेश में आई शैक्षिक क्रांति उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में शैक्षिक क्रांति आई है। हमने पाठ्यक्रम में परिवर्तन किया है, जो आजादी के बाद से चल रहा था। उन्होंने कहा कि 4 साल में माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में 247 विद्यालयों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में 167 दीनदयाल उपाध्याय जो मॉडल स्कूल हैं, वह बने हैं। इसी तरीके से लगभग 79 राजकीय महाविद्यालय बने हैं। उन्होंने कहा कि जब हम सत्ता में आए थे तो 12 मेडिकल कॉलेज थे आज 30 मेडिकल कॉलेज काम कर रहे हैं। इसी के साथ ही अमेठी और गोरखपुर में एम्स काम करने लगा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश लगातार विकास के पथ आगे बढ़ रहा है। इससे मैं समझता हूं कि हम लोग रामराज्य की स्थापना की ओर आगे बढ़ रहे हैं। रामलला हम आ गए हैंरामलला व बजरंगबली के दर्शन और पूजन के बाद भावुक मुद्रा में उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा दिखे। उन्होंने कहा कि आज मन बहुत आह्लादित है। बचपन से जिस राममंदिर की कल्पना हम लोगों ने की थी कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे, पर आज जब राममला के दरबार मे पहुंचा तो यही कहने का जैसे मन हो रहा था कि रामलला हम आ गए हैं। उन्होंने कहा कि जब मंदिर की खोदी गई बुनियाद को देखा तो मन आंनदित हो गया। उन्होंने कहा कि अयोध्या अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बनकर उभरे, जिस तरह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी कल्पना की है।

March 08, 2021 05:03 UTC


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